पर्यावरण विनाश के और क़रीब, रोज़ाना 12, 000 लोगों के भूख से मरने का अनुमान

हाल ही में जारी सेंटर फ़ॉर साइंस एंड एन्वायरन्मेंट (सीएसई) की रिपोर्ट में कहा गया है…

*किसान आंदोलन पर धारणा, सस्पेंस और उम्मीद के साये में बैठा मजबूर खेतिहर*

“धारणाओं के खेल में बाजी उसके हाथ लगती है जिसके पास प्रचारतंत्र होता है। कहानी गढ़ने…

क्या गोदी मीडिया का काम ही किसानों के लिए नफ़रत फ़ैलाना है?

अगर किसानों का नब्बे फ़ीसदी आंदोलन शानदार रहा तो गोदी मीडिया ने नफ़रत भरने का काम…

प्रदूषण मुक्त जल मौलिक अधिकार, राज्य इसे सुनिश्चित करने के लिये बाध्य’

न्यायालय ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 में जीने के अधिकार और मानवीय गरिमा के…

कश्मीर- डीडीसी चुनाव के नतीजे खतरनाक धार्मिक धुव्रीकरण की तरफ इशारा

मतों का रुझान चिंताजनक नजर आया है, जो जम्मू एवं कश्मीर में बढ़ते धार्मिक ध्रुवीकरण का…

कृपया शांति बनाए रखें! मोदी सरकार बहुत व्यस्त है!

“तबाह अर्थव्यवस्था, बढ़ती क़ीमतें, बेरोज़गारी, महामारी और वैक्सीन, नाराज़ किसान और कामगारों से घिरी मोदी सरकार…

“अनटोल्ड डिजी-स्टोरी: लाइफ़ इन लॉकडाउन…” कोरोना महामारी के पर्दे के पीछे की कहानी !

कोरोना वायरस के कारण पूरे विश्व में लॉकडाउन और उसके असर पर केंद्रित आठ देशों के…

बिहार: पिछले 3 साल में सिर्फ़ 2136 परिवारों को ही मिला मनरेगा के तहत 100 दिन का काम !

केंद्र से लेकर स्थानीय मालिक वर्ग भी नहीं चाहता कि गांवों में मजदूरी बढ़े और मज़दूर…

बिहार विधानसभा चुनाव: “बाहरी” बने रहने पर मजबूर क्यों है एक ख़ास समुदाय ?

बिहार का एक ऐसा वंचित समुदाय – मुसहर, जिसके ज़्यादातर लोग भयावह ग़रीबी में रहने को…

बलि के बकरे और बेचारी पवित्र गाय

कोविड काल में मीडिया, पुलिस और तबलीगी जमात” सरकार द्वारा किए जा रहे तमाम प्रयासों के…