कोविड-19 की महामारी ने भारत में शहरी विकास प्रक्रिया के खोखलेपन को उजागर कर दिया है। या यूँ कहें कि इस महामारी ने पहली बार उनको याद दिलाई उनकी हैसियत।

पिछले कुछ दशकों में, खासकर 1990 के दशक में शुरु हुए आर्थिक सुधारों के बाद, जिसमें…

न राशन, न चूल्हा फूंकने को ईंधन, छतों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रात काटने को मजबूर बाढ़ पीड़ित

हम क्या कर सकते हैं, बाढ़ के पानी में सबकुछ डूब गया है और गांव को…

शासन के शतक से मात्र दो साल दूर मोदी सरकार, फिर भी बेरोज़गारी और लाचारी आसमान पर

पिछले दशक वाली सरकार के शासन काल में हम सुना करते थे कि किसानों ने क़र्ज़…

व्यंगात्मक विश्लेषण- आत्मनिर्भर भारत और हमारे अच्छे दिन !

सरकार जी’ ने इतना अच्छा बंदोबस्त कर दिया कि इलाज के लिए डाक्टर ढूंढना है तो…

मोदी सरकार 2.O: तबाही और बर्बादी के पीड़ादायक दो वर्ष- सीताराम येचुरी

ये दो वर्ष वास्तव में जनता तथा हमारे संवैधानिक गणतंत्र के लिए, संत्रास के दो वर्ष…

कोरोना वैक्सीन और हर पल मौत से जंग लड़ती देश की जनता!

प्रधानमंत्री ने 28 जनवरी 2021 को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में कहा था- “आज भारत,…

कोरोना के हाहाकार से जनता त्रस्त, लेकिन सत्ता संग “गोदी मीडिया” मस्त!

भारतीय मीडिया देश की त्रासद हो चुकी स्थिति पर सरकार से सवाल नहीं कर रही है…

कोविड-19 का दूसरा साल, हालात जस के तस: ज़िम्मेदार कौन?

कोरोना के एक साल हो जाने के बाद देशव्यापी कठिन लॉकडाउन से हम कोरोना वैक्सीन तक…

“देश की अर्थव्यवस्था बदल सकता है किसानों का आंदोलन”

किसान आंदोलन की एकजुटता बनी रहे और इस आंदोलन से जो हलचल पैदा हुई है, वो…

किसान आंदोलन के समर्थन में आदिवासी, शुरू हुईं छत्तीसगढ़ में पंचायतें

आदिवासी किसानों द्वारा छत्तीसगढ़ किसान सभा, छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन और छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन सहित लगभग दो…